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Sunday, December 18, 2016

वन्दे मातरम्

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सुनो
सुन्दर काया
सुडौल शरीर
चौड़ी छाती
फड़कते बाजु वाले
हो सकता है
व्ययामशाला का प्रभाव हो
मगर
तुम्हारे रगों में दौड़ता खून
अगर देश के काम न आया
तो फिर
तुझमें और कोढ़ अपंग दूर्बल मानव में
कोई फर्क नहीं

वन्दे मातरम्

1 comment:

  1. दिनांक 20/12/2016 को...
    आप की रचना का लिंक होगा...
    पांच लिंकों का आनंद... https://www.halchalwith5links.blogspot.com पर...
    आप भी इस प्रस्तुति में....
    सादर आमंत्रित हैं...

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