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Sunday, January 12, 2014

गुजरते वक्त में

गुजरते वक्त में
बहुत आँधियाँ चली थी
मगर
दिल पत्थर था
टूटकर भी
बिखरने से बच गया

. . .ये और बात कि
टूट गया था
शीशे की तरह. . 

4 comments:

  1. कल 13/01/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद !

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  2. भावपूर्ण कविता..

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  3. सामूहिक आभार

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