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Thursday, January 16, 2014

holi

न जाने किस रंग की आजमाईस नाकाम रही साहब
हमारी कोशिशें तो तमाम रही साहब
ये बात और कि मोहब्बत डूब चुकी थी आँखों में
मगर आँसू की हर बूँद को सलाम रही साहब

Sunday, January 12, 2014

गुजरते वक्त में

गुजरते वक्त में
बहुत आँधियाँ चली थी
मगर
दिल पत्थर था
टूटकर भी
बिखरने से बच गया

. . .ये और बात कि
टूट गया था
शीशे की तरह. . 

Sunday, January 5, 2014

बस एक पल

बस एक पल
और
उस एक पल का
एक एहसास
सुखद या दुखद
समझना मुश्किल
जिसे महसुसने में
जिंदगी का हर पल
गुजरता जा रहा
निरंतर
लगातार
सिलसिलेवार
बस एक पल
जो बन गया
जीवन के हर पल का
साथी
साझेदार
या फिर दावेदार
बस एक पल