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Sunday, August 25, 2013

इश्क खेलेगा होली मगर दुनियाँ तुम्हें कातिल कहेगी

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देखो कैसे अकड़ के चल रहा है
सीना फुलाये
सुनो
मुँछें तो हैं नही, फिर भी
हाथ फेरते जा रहे हो
लगातार घुरे जा रहे हो
दाँये बाँये उपर नीचे
चुँधिया रहे हो अपने चमक से
लोगों की आखें
मगर जरा रूको तो चिराग
रहने दो मोहब्बत को तनहा
हाँ, बेशक दौर के लिपट जायेगी
समा जायेगी रात तुम्हारे ही भीतर
प्रेम की दीवाली होगी
इश्क खेलेगा होली
मगर
दुनियाँ तुम्हें कातिल कहेगी

Wednesday, August 7, 2013

15 अगस्त आ रहा है

_ कोई खाली है क्या ! सरहद के उटपटाँग खबरों से सुनो 15 अगस्त आ रहा है स्वतंत्रता दिवस रिंगटोन में देशभक्ति गाने होने चाहिये सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा किसी के भुखे मरने का गम छोड़ दो चलो मिठाईयों का इंतजाम करते हैं कई और मरेगें आने वाले ठंड में ठिठुरते अकड़ते चलो पुरे परिवार को नये कपड़े दिलवाते हैं झंडे धुलवाने को भेज दो बड़े साहब की गाड़ी आयेगी कचड़ों को साफ करवा दो छीट दो कुपोषित व्यवस्था पर चमचागिरी का ब्लीचिंग पाउडर और हाँ दामिनी कांड कोयला कांड सरहद कांड रेल कांड दारू कांड एटसेटरा एटसेटरा सबों को समेट दो इतिहास के पन्नों में कर दो सारे फाईल्स दीमक के हवाले क्योंकि भविष्य और भी बेहतर होने वाला है एक मिनट आप डैक्रूला के किस्सों में यकीन करते हैं !