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Sunday, May 12, 2013

माँ को नमन

माँ की ममता जानिये, होती यह अनमोल। मधुरस जैसा होत हैं, मीठे इसके बोल॥ मीठे इसके बोल, दुआ ही हरदम बरसे। सुनने को आवाज, यहाँ हर बच्चा तरसे॥ कह शम्भू कविराय, दिखे जीवनकी झाँकी। आँचल में संसार बसी, होती है माँ की॥

3 comments:

  1. बहुत ही सुन्दर और सार्थक रचना। बधाई स्वीकारें। सादर,

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  2. बहुत ही सुन्दर माँ के चरित्र का वर्णन.

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  3. सादर आभार
    शालिनी जी बहना
    एवं राजेन्द्र जी

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