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Friday, April 26, 2013

सतयुग की ओर

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ग्रंथों मेँ लिखा है
सतयुग में
औरते
खुद ही चिता पर जलती थी

आज भी
पुलिस की रिपोर्टों में कैद
परंपरा

हम बढ़ रहे हैं
सतयुग की ओर

मुखिया जी
पँचायत बैठाए हैं
कैसे भी हो
बात आगे नहीं जाएगी
तभी
हमारा समाज बढेगा
सतयुग की ओर

तुम औरत हो
इसलिए हद में रहो
तुम्हारा मौन ही
हमें ले जाएगा
सतयुग की ओर

इतिहास लिखने की जिम्मेदारी
मर्दों के हाथ है
हम तुम्हें भी लिखेगे
शक्ति का नाम देगें
समय निकल चला है
सतयुग की ओर

चलो कुछ दँगे करवा लें
जेहाद मजबुत कर लो
भगवा हर तरफ दिखनी चाहिए
तभीँ . . . . . . . . . . . .
सतयुग .. की ओर

शम्भू साधारण

2 comments:

  1. विचारनीय प्रस्तुति,आभार.

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  2. धन्यवाद आपका

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